ख़ुदा
करे की कोई इत्तेफाक हो जाये
तेरे
प्यार में इक बर खाक हो जाये
कोई
इश्तिहार लगा दो शहर में उनके
अरे कोई
तो उनका सरबराह1 हो जाये
सहर2 पढ़
दो मेरे ख़ातिर कोई उलेमा3
वो प्यार
में मेरे यूंही तबाह हो जाये
रहूं
जिधर भी रहूं मेरे घर में वो रहे
चाहे
जिग़र कितना ही चाक4 हो जाये
कत़्ल हो जाये गर “जीव” का
तेरी गली मे
तो मूह छुपा लेना की तूँ पाक हो जाये
1-Agent,2-Magic,3-Scholar of Islam and 4-Slit/Torn & Cut
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