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Showing posts from March, 2015

प्यार......!

आज यह सोच कर तेरे श़हर को आया था कि तुम पहले से कहीं ज़ियादा बदल गई होगी, शायद मेरे जज़बात मे बहनें के काबिल हो गई होगी या फिर अपना रकीब समझ मानने लगी होगी लेकिन ये सब महज़ एक भरम था                                 ....... जीव

तुम ईश्वर हो......?

सुना है , कि तुम ईश्वर हो ...... लेकिन जब , लोग को सड़को पे ठिठुरते देखा , आँसू लिये सड़को पे भीख माँगते देखा तो तुम पर यकीन नही होता ....... सुना है , कि तुम ईश्वर हो ....... लेकिन जब , लोगो को पूर्व जन्मों की सजा पाते सुना , स्विकारते हुए हर दुःख को सहते देखा तो तुम पर यकीन नही होता ....... सुना है , कि तुम ईश्वर हो ...... आखिर कैसी ये तुम्हारी निर्लज्जता है कि जो हर दिन , अपना जीवन तुम्हारे नाम से शुरू करता है हर रात तुम्हारे नाम पे खत्म करता है उसको क्यू हार बार रोते हुए देखा है। तो बस यह वज़ह काफी है “ कि ” तुम पर यकीन क्यूं नही होता? सुना है , कि तुम ईश्वर हो ........ जीव