Skip to main content

Posts

Showing posts from July, 2017
एक नीम का पेड़.... जिसके नीचे मेरा बचपन खेला था, जिसके नीचे मैंने पहली बार बोला था, जिसके नीचे  मैं पहली बार चला था, जो मेरे सुख दुःख का दर्पण था, वो अब मेरे घर के सामने नहीं..... क्योकि वो निर्लज्ज पेड़, सबके घर की शोभा बीगाड़ती थी                                                               जीव