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पिता

पिता का होना सुख है पिता का न होना दुःख  शेष इन दोनो के मध्य कुछ है, वही आज स्मृति शेष । पिता अंबर है, पिता समंदर है, पिता धूप में वृक्ष छायादार है। पिता वही है, जिसके आने की राह हम देखते है पिता वही है, जिसके कंधे से दुनिया हम देखते है  पिता राह है, पिता आदर्श है, पिता संसार है  पिता है तो सबकुछ है  पिता नही है,  तो कुछ भी नहीं शेष है।