काका हाथरसी के दाढ़ी महिमा से प्रेरित.....
दाढ़ी बढ़ाओ दाढ़ी बढ़ाओ मिल कर दो ऐसा शोर,
दुनिया के ये दाढ़ी रहित पाये नही कहिं पर ठौर
सड़को पर निकलो लेकर दाढ़ी की यह मूहिम,
यह ज्वलंत विषया है,इस पर भी जलनी है सत्याग्रह की लौ
आओ घर से बाहर आओ भारत के ऐ जन,
दाढ़ी का गुणगान करो यह दढ़ी है भारत का सिरमौर....जीव
दाढ़ी बढ़ाओ दाढ़ी बढ़ाओ मिल कर दो ऐसा शोर,
दुनिया के ये दाढ़ी रहित पाये नही कहिं पर ठौर
सड़को पर निकलो लेकर दाढ़ी की यह मूहिम,
यह ज्वलंत विषया है,इस पर भी जलनी है सत्याग्रह की लौ
आओ घर से बाहर आओ भारत के ऐ जन,
दाढ़ी का गुणगान करो यह दढ़ी है भारत का सिरमौर....जीव

Comments
Post a Comment